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The Reward for Good Deeds is the Same for Men and Women – Dr Zakir Naik

The Reward for Good Deeds is the Same for Men and Women – Dr Zakir Naik
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Assalam-o-Alaikum,
I pray this message finds you in good health and strong iman. There is someone I love sincerely and want to do Nikkah as soon as possible but facing issues.
I humbly ask you to keep us in your duas, that Allah makes her my naseeb and grants us the blessing of nikkah, inshallah. May Allah forgive all your sins, shower you with His mercy, and accept your prayers.
Your sincere duas, even if small, can make a big difference. Allah alone is the Best of Planners and the Most Generous. Please remember us in your prayers.
Jazakallah khair.
SubhanALLAH, ALLAHUMMA BARIK
پاکستان قیامت قيامت تك قائم رھے گا ان شاء الله
الحمدلله پاکستان الله کی عظیم نعمت ھے
☝🏻✅🌍👁️👁️🧠 बिलकुल सही है।
Al-Ahzab) की आयत 35 है —
यह एक बहुत महत्त्वपूर्ण और खूबसूरत आयत है जिसमें अल्लाह ने मर्द और औरत दोनों की बराबरी, ईमान, सब्र, सच्चाई, नेक-अमल और तक़वा को बयान किया है।
आइए इसे विस्तार से समझते हैं 👇
—
📖 अरबी (Arabic Text):
إِنَّ ٱلْمُسْلِمِينَ وَٱلْمُسْلِمَـٰتِ وَٱلْمُؤْمِنِينَ وَٱلْمُؤْمِنَـٰتِ وَٱلْقَـٰنِتِينَ وَٱلْقَـٰنِتَـٰتِ وَٱلصَّـٰدِقِينَ وَٱلصَّـٰدِقَـٰتِ وَٱلصَّـٰبِرِينَ وَٱلصَّـٰبِرَٰتِ وَٱلْخَـٰشِعِينَ وَٱلْخَـٰشِعَـٰتِ وَٱلْمُتَصَدِّقِينَ وَٱلْمُتَصَدِّقَـٰتِ وَٱلصَّـٰٓئِمِينَ وَٱلصَّـٰٓئِمَـٰتِ وَٱلْحَـٰفِظِينَ فُرُوجَهُمْ وَٱلْحَـٰفِظَـٰتِ وَٱلذَّٰكِرِينَ ٱللَّهَ كَثِيرًۭا وَٱلذَّٰكِرَٰتِ أَعَدَّ ٱللَّهُ لَهُم مَّغْفِرَةًۭ وَأَجْرًا عَظِيمًۭا
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🇮🇳 हिंदी अनुवाद (Translation in Hindi):
“निश्चित ही (अल्लाह के नज़दीक) मुसलमान मर्द और मुसलमान औरतें,
ईमान वाले मर्द और ईमान वाली औरतें,
फ़रमाँबरदार मर्द और फ़रमाँबरदार औरतें,
सच्चे मर्द और सच्ची औरतें,
सब्र करने वाले मर्द और सब्र करने वाली औरतें,
ख़ुशू (नम्रता) करने वाले मर्द और औरतें,
दान (खैरात) देने वाले मर्द और औरतें,
रोज़ा रखने वाले मर्द और रोज़ा रखने वाली औरतें,
अपनी शर्मगाहों (पवित्रता) की हिफ़ाज़त करने वाले मर्द और औरतें,
और अल्लाह को बहुत ज़्यादा याद करने वाले मर्द और औरतें —
अल्लाह ने इनके लिए मग़फ़िरत (बख़्शिश) और बहुत बड़ा अज्र (इनाम) तैयार किया है।”
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🌿 विस्तृत तफ़सीर (Tafseer / व्याख्या):
1️⃣ बराबरी का ऐलान:
इस आयत में अल्लाह ने दस गुण गिनाए हैं —
और हर एक के साथ मर्द और औरत दोनों का ज़िक्र किया है।
यह कुरआन की उन आयतों में से है जो लैंगिक समानता (Gender Equality) का सबसे स्पष्ट प्रमाण हैं।
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2️⃣ दस गुण जिनका ज़िक्र हुआ:
क्रम गुण (गुणवत्ता) अर्थ / व्याख्या
1 मुस्लिम जिन्होंने खुद को अल्लाह के अधीन कर दिया
2 मुमिन जिनका ईमान सच्चा और स्थायी है
3 क़ानित जो हर हाल में आज्ञाकारी हैं
4 सादिक़ जो सच्चे और ईमानदार हैं
5 साबिर जो मुश्किलों में सब्र करते हैं
6 ख़ाशे' जो नमाज़ में और ज़िंदगी में विनम्र हैं
7 मुतसद्दिक़ जो अल्लाह की राह में दान देते हैं
8 साइम जो रोज़ा रखते हैं और नफ़्स को काबू में रखते हैं
9 हाफ़िज़ फुरूज जो अपनी इज़्ज़त और शराफ़त की हिफ़ाज़त करते हैं
10 ज़ाकिर जो अल्लाह को लगातार याद करते रहते हैं
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3️⃣ इस आयत का ऐतिहासिक संदर्भ:
तफ़सीर इब्न कसीर और तफ़सीर अत-तबरी में आता है कि —
हज़रत उम्मे सलमा (रज़ि.) ने नबी ﷺ से पूछा:
> “या रसूलल्लाह! कुरआन में मर्दों का ज़िक्र तो बार-बार आता है, लेकिन औरतों का कम आता है — क्या औरतों के लिए भी वही इनाम है जो मर्दों को मिलेगा?”
इस पर यह आयत नाज़िल हुई 💫
👉 और अल्लाह ने साफ़ कर दिया कि मर्द और औरत दोनों बराबर हैं —
ईमान, अमल और इनाम के लिहाज़ से कोई फर्क नहीं।
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4️⃣ आयत का मुख्य संदेश:
अल्लाह के नज़दीक बराबरी का आधार लिंग नहीं, बल्कि ईमान और अमल है।
नेक और सच्चे लोग — चाहे मर्द हों या औरत — दोनों को जन्नत और मग़फ़िरत मिलेगी।
इस्लाम औरतों को इज़्ज़त, बराबरी और सिला (Reward) देता है।
हर नेक काम करने वाला अल्लाह की नज़रों में क़ीमती है।
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🌺 मुख्य शिक्षा (Main Message):
> “अल्लाह के यहाँ मर्द और औरत दोनों बराबर हैं —
उनके ईमान, सब्र, सच्चाई और अमल का सिला एक जैसा है।
अल्लाह दोनों को माफ़ी और जन्नत का बड़ा इनाम देगा।”
Masha Allah! Very good
Where did you disappear sir I don't hear about you anymore and where is your place of residence
ধ
Love your videos Dr.Zakir Naik sir❤❤🎉🎉