VideosZakir Naik

The Sectarian Division Islam Opposes and the Brotherhood Islam Advocates – Dr Zakir Naik



The Sectarian Division Islam Opposes and the Brotherhood Islam Advocates – Dr Zakir Naik

#zakirnaik #drzakirnaik

Follow us in :

source

Related Articles

12 Comments

  1. ☝️✅🌍👁️👁️🧠👍 “अल्लाह कुरआन में सांप्रदायिक विभाजन (communal division) और भाईचारा (brotherhood) के बारे में क्या हिदायत देते हैं?”

    कुरआन में अल्लाह तआला ने इंसानों को बार-बार समझाया है कि विभाजन, घृणा, और ऊँच-नीच की भावना इंसान के खुद के बनाए हुए रास्ते हैं, जबकि अल्लाह ने सभी को एक उम्मत (एक समुदाय) बनाया है। आइए इसे विस्तार से समझते हैं 👇

    🌙 1. सभी इंसान एक ही उम्मत हैं

    सूरह अल-बक़रह (2:213)
    अरबी:
    كَانَ النَّاسُ أُمَّةً وَاحِدَةً
    हिंदी अनुवाद:
    लोग शुरू में एक ही उम्मत (एक ही समुदाय) थे, फिर उनमें मतभेद पैदा हो गया…

    📖 विस्तार:
    अल्लाह बताते हैं कि इंसान शुरुआत में एक थे — एक अल्लाह की इबादत करते थे, मगर बाद में उन्होंने आपस में फ़र्क़ डाल दिए — धर्म, जाति और क़बीले में बाँट लिया।

    🌙 2. कबीले और जातियाँ सिर्फ पहचान के लिए हैं, श्रेष्ठता के लिए नहीं

    सूरह अल-हुजुरात (49:13)
    अरबी:
    يَا أَيُّهَا النَّاسُ إِنَّا خَلَقْنَاكُم مِّن ذَكَرٍ وَأُنثَىٰ وَجَعَلْنَاكُمْ شُعُوبًا وَقَبَائِلَ لِتَعَارَفُوا ۚ إِنَّ أَكْرَمَكُمْ عِندَ اللَّهِ أَتْقَاكُمْ
    हिंदी अनुवाद:
    हे लोगो! हमने तुम्हें एक मर्द और एक औरत से पैदा किया, और तुम्हें जातियों और क़बीलों में इसलिए बाँटा ताकि तुम एक-दूसरे को पहचान सको। अल्लाह के नज़दीक सबसे इज़्ज़तदार वही है जो सबसे ज़्यादा तक़वा (धर्मी) वाला है।

    📖 विस्तार:
    इस आयत में अल्लाह साफ़ कहते हैं कि जाति, धर्म, या राष्ट्र श्रेष्ठता का मापदंड नहीं — बल्कि इंसान की तक़वा (भक्ति, ईमानदारी, और नेकदिलपन) ही असली मूल्य है।

    🌙 3. भाईचारा (Brotherhood) का हुक्म

    सूरह अल-हुजुरात (49:10)
    अरबी:
    إِنَّمَا الْمُؤْمِنُونَ إِخْوَةٌ فَأَصْلِحُوا بَيْنَ أَخَوَيْكُمْ
    हिंदी अनुवाद:
    ईमान वाले तो आपस में भाई हैं, इसलिए अपने दो भाइयों के बीच सुलह करा दिया करो।

    📖 विस्तार:
    अल्लाह का सीधा हुक्म है कि ईमान वाले आपस में भाई-भाई की तरह रहें। अगर आपस में झगड़ा हो जाए तो उसे खत्म करके शांति स्थापित करें, न कि नफ़रत फैलाएँ।

    🌙 4. विभाजन करने वाले नाफरमान हैं

    सूरह आराफ़ (7:159)
    अरबी:
    وَمِن قَوْمِ مُوسَىٰ أُمَّةٌ يَهْدُونَ بِالْحَقِّ وَبِهِ يَعْدِلُونَ
    सूरह आराफ़ (7:159–160) में बताया गया है कि मूसा की कौम में भी कुछ लोग हिदायत पर थे, लेकिन बाकी ने फिरक़े (groups) बना लिए — और यह अल्लाह को पसंद नहीं।

    सूरह आरूम (30:32)
    अरबी:
    مِنَ الَّذِينَ فَرَّقُوا دِينَهُمْ وَكَانُوا شِيَعًا ۖ كُلُّ حِزْبٍ بِمَا لَدَيْهِمْ فَرِحُونَ
    हिंदी अनुवाद:
    (वे) लोग जिन्होंने अपने दीन को टुकड़े-टुकड़े कर दिया और गुटों में बँट गए — हर गुट अपने पास की चीज़ से खुश है।

    📖 विस्तार:
    अल्लाह ने चेतावनी दी कि धर्म को विभाजित करना और गुटबाज़ी करना, अल्लाह के मार्ग से भटकना है।

    🌙 5. नफ़रत के बदले न्याय और नेकी

    सूरह अल-मायदा (5:8)
    अरबी:
    وَلَا يَجْرِمَنَّكُمْ شَنَآنُ قَوْمٍ عَلَىٰ أَلَّا تَعْدِلُوا ۚ اعْدِلُوا هُوَ أَقْرَبُ لِلتَّقْوَىٰ
    हिंदी अनुवाद:
    किसी क़ौम की नफ़रत तुम्हें इस बात पर न उकसाए कि तुम न्याय न करो। न्याय करो — यही तक़वा के ज़्यादा क़रीब है।

    📖 विस्तार:
    अल्लाह कहता है — अगर कोई दुश्मन भी है, तब भी उसके साथ अन्याय मत करो। इंसाफ़ और भलाई ही सच्चे ईमान की निशानी है।

    🌙 निचोड़ (सारांश):

    कुरआन के मुताबिक़:

    इंसानियत एक है, सबका ख़ालिक़ (रचयिता) एक ही है।

    विभाजन, जातिवाद, और धर्म के नाम पर नफ़रत अल्लाह को नापसंद है।

    भाईचारा, इंसाफ़ और तक़वा अल्लाह की नज़र में सबसे बड़ी नेकी है।

  2. Allah took 40 years to decide about Mohammed….being his choice to be his second in command…
    He ( Allah ) could not blow into his mother's womb and give him a Devine birth..

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *


Back to top button