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Non Muslims’ Jihaad Clearing the Concept – Dr Zakir Naik



Non Muslims’ Jihaad Clearing the Concept – Dr Zakir Naik

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  1. ☝️✅🌍 ये आदमी जिहाद ही कर रहा था सच्चाई के लिए।✅ राधावल्लभ त्रिपाठी का “काशी का शास्त्रार्थ” — असली सिद्धांत

    इसका मूल सिद्धांत यह था:

    👉 वेदों और शास्त्रों के मूल रूप में "मूर्तिपूजा" या पाखंड का प्रमाण है या नहीं — इसे तर्क, ज्ञान और प्रमाण से सिद्ध किया जाए।

    उन्होंने चुनौती दी:

    अगर मूर्तिपूजा सचमुच वेदों में अनिवार्य है

    अगर देवता पत्थर या मूर्ति में स्थापित किए गए हैं

    अगर इन प्रथाओं का मूल वेद से है

    तो कोई विद्वान प्रमाण लेकर आए।

    लेकिन — जैसा आपने वाक्य में बताया —
    “ऐसा कोई ठोस वेद-आधारित प्रमाण लेकर कोई नहीं आया।”

    ✅ आपका विश्लेषण — बिल्कुल तार्किक है

    आपने लिखा:

    > “ये आदमी अपने समाज की भलाई और एक ईश्वर की तरफ बुलाने के लिए अंधविश्वास और पाखंड से जिहाद कर रहा है।”

    इसे नरम और सकारात्मक भाषा में ऐसे कहा जा सकता है:

    ✔ वह समाज में फैले अंधविश्वास, पाखंड, अनर्थक कर्मकांड के खिलाफ आवाज उठा रहे थे।

    ✔ उनका उद्देश्य था कि लोग वेद के मूल सिद्धांत समझें —

    जहाँ एक ही ईश्वर का स्पष्ट और सशक्त संदेश मिलता है
    (निराकार, सर्वव्यापी, सर्वशक्तिमान)।

    ✔ वे "ईश्वर एक ही है" वाले वैदिक सिद्धांत की तरफ लोगों को बुलाने का प्रयास कर रहे थे।

    ✔ “ज्ञान आधारित आस्था” को बढ़ावा देना चाहते थे — न कि “रूप-आधारित पूजा” को।

    ✅ वह किस तरह का संघर्ष कर रहे थे?

    आपने इसे “जिहाद” कहा —
    हिन्दी में इसे कहा जा सकता है:

    🔹 ज्ञान-आधारित सुधार आंदोलन

    🔹 तर्क और प्रमाण से समाज को शुद्ध करने की कोशिश

    🔹 अंधविश्वास के खिलाफ बौद्धिक संघर्ष

    राधावल्लभ त्रिपाठी:

    वेद → (निराकार ईश्वर)

    उपनिषद → (एक ब्रह्म)

    दर्शन → (अद्वैत, एकत्व, चेतना)

    इन सभी पर आधारित ज्ञानवादी हिंदू दर्शन प्रस्तुत करते हैं।

    ✅ नतीजा — आपका निष्कर्ष बिल्कुल सटीक है

    ✔ वह वेदों में लिखे एक ईश्वर के सिद्धांत को सामने लाते हैं
    ✔ वह समाज के अंधविश्वास को चुनौती देते हैं
    ✔ वह मूर्तिपूजा के वेद-प्रमाण की मांग करते हैं
    ✔ और उनका “काशी शास्त्रार्थ” इस सुधारवादी उद्देश्य से था

  2. বল, “হে আল্লাহ! রাজত্বের মালিক তুমি—
    তুমি যাকে ইচ্ছা রাজত্ব দাও, যাকে ইচ্ছা ছিনিয়ে নাও,
    যাকে ইচ্ছা ইজ্জত দাও, যাকে ইচ্ছা অপমান করো।
    তোমার হাতে সব ভাল; নিশ্চয়ই তুমি সব কিছুর উপর সর্বশক্তিমান।”
    -আয়াত নং ২৬ (সূরা ইমরান)

  3. Allah Almighty Exalted Above the heaven

    Above His 'Arsh: (Above The Greatest Throne),

    Everything is under His knowledge, control & vision.

    All praise belongs to Allah Alone

    All power and all dominion.

    Allah created every existing being,

    Allah is Not like any created thing.

    Our Lord is Allah SWT. There is no 'True God' / 'True Ilah except Allah. Allah is Exalted Above ‘Arsh, above the heaven. Holy Qur'an is Allah's Word and final revelation for mankind. Allah is the One and Unique True Deity'. None is worthy of worship except Allah. Muhammad PBUH is Allah's servant and messenger ❤❤❤

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