VideosZakir Naik

How to Da’wah with Hindus? by Dr Zakir Naik



How to Da’wah with Hindus? by Dr Zakir Naik
Video code : T_A_J_15

Islam’s view on Terrorism and jihaad – ( INTERACTIVE)
(Pwtc, Kuala Lumpur, Malaysia, 7th Oct . 2012)

PLEASE VISIT OUR OFFICIAL WEBSITES
www.irf.net
www.facebook.com/zakirnaik
www.plus.google.com/+Drzakirchannel
www.twitter.com/zakirnaikirf
www.youtube.com/drzakirchannel
www.dailymotion.com/drzakirnaik

source

Related Articles

20 Comments

  1. Um mahabarat is a tale of god of krishna. While it is important it is not the main scared scripture. Hindus beilieve in the vedas. And that is more comparable to the quaran. And the violence in the mahabharat may be more but in the real world muslim are much more prone to violence (ex. Syria, Afghanistan, libya). And u can not call them jihads because of the sheer amount of war that has been
    Prevalent in the Middle East. So while hindus are not perfect. I cannot see how a muslim can debate any religion for that matter about its false before fixes its own. 😂

  2. Concept of god in Islam
    Al lah…..🤤 is nothing else except an exclamation or interjection of muh madd used it while having s.ex pleasure with his
    girls (wives) following.
    Aisha
    khadija
    zaynab
    ,hind salama,
    Zainab2, rayhana,
    Juwayriyah,
    Ramlah,
    safiya,
    maymunah,
    mariyah,
    mulayaka,
    fatima,
    asma ,
    Alzariya,
    Amra,
    tukana,
    ghaziya,
    khawla,
    sharaf,
    Layla,
    umma,
    rifa,
    umra ,
    bin jundub,
    jamra,
    Al shanba, Qutayla ,
    asiya,Kulthum,
    Fakhita ,
    Habiba,AlAnsariya,
    Khawla,
    Dubaa,
    Izza,
    Durrah,
    Umama,
    Safiyah bint Bashshama,
    and it's became Al lah…..🤤🤤 Continues…
    What was this lol 😅🤣😂 I'm confused what it is about Islam is a porn industry lol ran.gila Nahi ran.dila ra.sool 🤣😂

  3. conversation between Qura'an and bible
    Qura'an:What is your name?
    Bible: I don't know.
    Quran: My name is Qur'an (Surah 36:2).
    * Where did you come from?*
    Bible: I don't know.
    Quran: from Allah (Surah 39:1).
    * What is your religion?*
    Bible: I don't know.
    Quran: Islam (Surah 3:19).
    * Did you tell Christians to go to church on Sundays?*
    Bible: NO they chose that day themselves.
    Quran: Yes, I instruct Muslims to go to mosque on Fridays (Surah 62:9).
    * Why are you not in your original language?*
    Bible: because people have made a lot of changes in me.
    Quran: I'm in my original language, Arabic and not corrupted (Surah 12:2).
    * Why do you have so many contradictions?*
    Bible: because I'm written by unknown people (Jeremiah 8:8).
    Quran: I don't have any contradiction because I'm from God (Surah 4:82).
    * Why do you have so many scientific errors?*
    Bible: because l've made many many silly mistakes eg. I said that "the rabbit chew its cud" (Leviticus 11:6).
    Quran: I don't have a single scientific error.eg I said that "moon light is a reflected or borrowed light from the sun" therefore I'm as compatible as with modern science (Surah 25:61).
    If you are not busy type "Allahu Akbar….

  4. अरे जाकिर नायक हमें नहीं जाना तेरे अल्लाह की जन्नत में अब पूरी बात विस्तार से सुनो –
    अरे अब तुम लोग कुरान आयतो को नहीं छुपा सकते पहले हम भी इस्लाम को शांति का धर्म ही मानते थे किसी भी आतंकवादी को इस्लाम या कुरान से नहीं जोड़ते थे क्यो की हमें कुरान की आयतों काफिरों जिहाद और जिहादियों के बारे में कुछ नहीं पता था ,जोभी मौलाना बोलते थे कि कुरान में ऐसा कुछ नहीं है जिहाद के नाम पर जो आंतक वादी करते है वो गलत है सब मान लेते थे, यहाँ तक अपने धर्म के बारे में भी ज्यादा नही सोचते थे फिर आगया जाकिर नायक जो हिदुओं के देवी देवताओं पर कुठाराघात चालू किया मुल्लों की भीड़ में हिदुओं का अपमान चालू किया ये बोलना चालू किया कि तुमको हिन्दू धर्म के बारे में नहीं पता है सनातनधर्म की बुराइयां निकलना चालू किया तब हमने भी कुरान को जानने की पहल चालू की किये चक्कर क्या है कुरान आखिर बोलता क्या है जब सभी मुसलमान इसे शांति का धर्म बोलते हैं तो क्या कारण है कि भले ही हर मुसलमान आतंकवादी नहीं होता तो हर आतंकवादी मुसलमान ही क्यो निकलता है पूरी दुनियां में जभी कोई आतंकवादी धटना होती है तो वो अल्लह हु अकबर क्यो बोलते है , आखिर ये जिहाद का फसाद है क्या क्यो मुसलमान आतंकवादी बन जाता है और येसब कर के उसे क्या मिलता है क्या उसे अपने अल्लाह का ख़ौफ़ नहीं है
    फिर जब कुरान पड़ के ही ये जाना कि कुरान बोलती है कि जो अल्लाह को ना माने ,महोमद को आल्हा का रसूल और आखरी पैगम्बर नहीं माने कुरान को नहीं माने इन पर ईमान याने भरोसा ना लाये तो वो काफिर है और काफिरों को मारने और उनके खिलाफ जिहाद याने युद्ध करने की हिदायत अल्लह ने ही सभी मुसलमानों को दी है 6666 आयतों मेसे 1000 से ज्यादा में यही लिखा है और काफिरों को अल्लह हिदायत नहीं देता बल्कि उहने कैसे कब और कहाँ मारना है ये तक बताता है काफिरो को अल्लाह जहनुम की आग में जलाएगा और काफिरों को मारने से अल्लह जन्नत देगा जहाँ शराब की नदियां बहती हैं और अल्लाह अपने हाथ से शराब पिलाये गा साथ ही 72 ख़ूबसुरत हुरे देगा इतना सारा लालच सिर्फ़ काफिरो को मारने के लिए आल्हा ने मुसलमानों को दिया है जो कुरान के अल्लह को और महोमद को रसूल नही मानता उस के लिए अल्लह ने जन्नत बनाई ही नही है इसी लिए जाकिर नायक बोल रहा है कि आप कितने भी अच्छे कर्म क्यो न किये हो अल्लह आपको जन्नत नहीं देगा जबतक आप मुसलमान न बन जाए अल्लह के पास काफिरों के लिए रहम नाम की चीज नहीं है भले ही वो मुसलमानों के सारे गुनाह जैसे हत्या बलात्कार तक माफ कर देता है, अब कोई किसी के लिए इतना बेरहम कैसे हो सकता है कि जो उसे ना माने उसे मारने के लिए पूरे मुसलमानों को हिदायत दे दिया जहनुम काफिरों के लिए बना दिया ये पूरी मनुष्य जाति का अल्लाह नही है ये सिर्फ मुसलमानों का अल्लाह है इसी लिये हमें ऐसे अल्लाह और ऐसी जन्नत की जरूरत नहीं है अल्लाह की नजर में हम काफिर है तो काफिर ही सही उसे हमारा जो उखड़ना है उखाड़ ले ,अब अमेरिका इन्ही अल्लाह के बन्दों को नंगा करता है कि नजाने कोन जिहादी जन्नत जाने के लिए मासूमों की हत्या करने आजाए ,जैसे मुसलमान डरता है अल्लाह से वैसे ही अल्ला भी डरता है काफिरों से इसी लिए तो उनको मारने की हिदायत देता है वैसे भी जब हम जीते जी शराब नहीं पीते लड़कीं बाजी नहीं करते अय्याशी नहीं करते तो मरने के बाद ऐसी जन्नत में क्यो जाना जहाँ खुद ही आल्हा शराब और लड़कियां सप्लाई करे इसी लिए तुमारे अल्लाह की जन्नत तुम्हें ही मुबारक हो।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *


Back to top button