> "الحياء شعبة من الإيمان" “हया ईमान का हिस्सा है।” — (सहीह बुखारी)
🩵 यानी, जिस समाज में हया खत्म हो जाती है, वहाँ से ईमान भी धीरे-धीरे उठ जाता है।
—
⚖️ 3️⃣ “उदारीकरण” का गलत मतलब
आजकल “women empowerment” या “liberation” के नाम पर कुछ लोग यह समझते हैं कि:
> औरत वही आज़ाद है जो कम कपड़े पहने, या अपने शरीर का प्रदर्शन करे।
लेकिन इस सोच ने औरत को इज़्ज़त से नहीं, बल्कि नज़रों की मज़लूम बना दिया है। कुरआन ने कहा है:
> وَلَا تَبَرَّجْنَ تَبَرُّجَ الْجَاهِلِيَّةِ الْأُولَىٰ (“और पुराने ज़माने की जाहिलियत की तरह सजधज कर अपनी ज़ीनत (सौंदर्य) को न दिखाओ।”) — सूरह अल-अहज़ाब (33:33)
📖 मतलब: औरत का असली सौंदर्य उसके अख़लाक़ (चरित्र) और ईमान में है, न कि शरीर के प्रदर्शन में।
—
💎 4️⃣ असली आज़ादी क्या है?
अल्लाह की नज़र में औरत की “आज़ादी” का मतलब है:
बेइज़्ज़ती और फितनों से बचना,
अपने शरीर, ईमान और हया की हिफ़ाज़त करना,
अपने हक़ (तालीम, इज़्ज़त, सुरक्षा) को इस्लाम के दायरे में हासिल करना।
What is happening in today's name in the name of "Limitation of Women (Freedom / Liberalism)" is often completely opposite to the instructions of Allah.
✨️✔️✔️
جزاك الله خيرا
I'm from Bangladesh
মাশাআল্লাহ ❤❤❤❤
🌺 2️⃣ हया (शर्मो-हया) ईमान का हिस्सा है
रसूलुल्लाह ﷺ ने फ़रमाया:
> "الحياء شعبة من الإيمان"
“हया ईमान का हिस्सा है।”
— (सहीह बुखारी)
🩵 यानी, जिस समाज में हया खत्म हो जाती है, वहाँ से ईमान भी धीरे-धीरे उठ जाता है।
—
⚖️ 3️⃣ “उदारीकरण” का गलत मतलब
आजकल “women empowerment” या “liberation” के नाम पर कुछ लोग यह समझते हैं कि:
> औरत वही आज़ाद है जो कम कपड़े पहने, या अपने शरीर का प्रदर्शन करे।
लेकिन इस सोच ने औरत को इज़्ज़त से नहीं, बल्कि नज़रों की मज़लूम बना दिया है।
कुरआन ने कहा है:
> وَلَا تَبَرَّجْنَ تَبَرُّجَ الْجَاهِلِيَّةِ الْأُولَىٰ
(“और पुराने ज़माने की जाहिलियत की तरह सजधज कर अपनी ज़ीनत (सौंदर्य) को न दिखाओ।”)
— सूरह अल-अहज़ाब (33:33)
📖 मतलब:
औरत का असली सौंदर्य उसके अख़लाक़ (चरित्र) और ईमान में है, न कि शरीर के प्रदर्शन में।
—
💎 4️⃣ असली आज़ादी क्या है?
अल्लाह की नज़र में औरत की “आज़ादी” का मतलब है:
बेइज़्ज़ती और फितनों से बचना,
अपने शरीर, ईमान और हया की हिफ़ाज़त करना,
अपने हक़ (तालीम, इज़्ज़त, सुरक्षा) को इस्लाम के दायरे में हासिल करना।
What is happening in today's name in the name of "Limitation of Women (Freedom / Liberalism)" is often completely opposite to the instructions of Allah.
ظجآكم الله خير
Plz explain Urdu
Anyone who like this comment may Allah grant him or her janatul firdowsa
Love your videos Dr.Zakir Naik sir❤❤🎉🎉